मुंबई 25 अप्रैल: मुंबई के दहिसर इलाके में शिवसेना शिंदे समूह के प्रवक्ता और पूर्व सांसद संजय निरुपम पर पथराव करने वाले मनसे के 11 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। एमएचबी थाने की पुलिस इन सभी को शनिवार को बोरीवली मैजिस्ट्रेट अदालत में पेश करेगी। एमएचबी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरीश गवली ने पत्रकारों को बताया कि आज दहिसर में स्थानीय नेता राम यादव द्वारा ऑटो रिक्शा चालकों के लिए एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जैसे ही पूर्व सांसद संजय निरुपम मौके पर पहुंचे, मनसे कार्यकर्ताओं ने हंगामा खड़ा कर दिया। मनसे कार्यकर्ताओं ने संजय निरुपम की गाड़ी पर पत्थर, कांच की बोतलें फेंकी और उनकी गाड़ी को पंचर कर दिया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं पर पथराव किया, जिससे सभी मौके से भाग खड़े हुए। इस घटना के बाद पुलिस ने मनसे के नयन कदम, कुणाल मैंदकर, किरण नकाशे सहित 11 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एमएचबी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (भादंस) की धारा 189(2), 191(3), 191(2), 190, 125, 324(4), और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 और 37(1)(ए) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है और सबको मेडिकल जांच के लिए शताब्दी अस्पताल ले जाया गया है। इन सभी को शनिवार को बोरीवली मैजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र सरकार ने एक मई से राज्य में सभी रिक्शा-टैक्सी चालकों को मराठी का ज्ञान अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत रिक्शा-टैक्सीचालकों की मराठी भाषा की परीक्षा ली जा रही है। इससे रिक्शा-टैक्सीचालकों में असंतोष व्याप्त है। शिवसेना शिंदे समूह के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा है कि रिक्शा टैक्सी चालकों को राज्य की मराठी भाषा समझने तक आनी चाहिए, उनकी लिखने और पढऩे की परीक्षा लेना ठीक नहीं है। संजय निरुपम ने रिक्शा टैक्सी चालकों पर मराठी भाषा की सख्ती करने का विरोध किया है।







