शिमला 01 मई : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को शिमला में सेना प्रशिक्षण कमान (एआरटीआरएसी) के मुख्यालय का दौरा किया, जहां उन्हें भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने में कमान के विकास और महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
राष्ट्रपति का स्वागत कविंदर गुप्ता और एआरटीआरएसी के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने किया।
इस ब्रीफिंग में ड्रोन प्रशिक्षण, विशिष्ट तकनीकों को अपनाने, 'रेड टीमिंग' की अवधारणा और डिजिटलीकरण और स्वचालन की दिशा में चल रहे प्रयासों जैसे क्षेत्रों में ARTRAC की पहलों पर प्रकाश डाला गया।
राष्ट्रपति ने कहा कि एआरटीआरएसी युद्ध संबंधी अवधारणाओं को आकार देने, संसाधन विकास और मित्र विदेशी राष्ट्रों तथा सहयोगी सेनाओं के साथ सहयोग में व्यापक भूमिका निभाता है। उन्होंने कमान को सैन्य उत्कृष्टता, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
अपने 32 प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के साथ, ARTRAC सेना के भीतर व्यावसायिकता को लगातार बढ़ा रहा है, और आधुनिक युद्धकला पर एक विशिष्ट दृष्टिकोण प्रदान कर रहा है।
इस यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति ने प्रशिक्षण ढांचे को मजबूत करने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की और सभी रैंकों से आग्रह किया कि वे उच्च स्तर की तैयारी बनाए रखें और नए समर्पण के साथ अपना काम जारी रखें।







