मुंबई 01 मई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे पर लंबे समय से प्रतीक्षित ‘मिसिंग लिंक’ हिस्से का उद्घाटन किया। यह परियोजना राज्य के सड़क बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहीं। उद्घाटन के दौरान एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में मुख्यमंत्री फडणवीस ने नए खुले हिस्से पर स्वयं कार भी चलाई।
यह नया सड़क खंड मुंबई और पुणे के बीच यात्रा को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके शुरू होने से लोनावाला-खंडाला घाट क्षेत्र में लगने वाली भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि इस परियोजना से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय लगभग 30 मिनट तक कम हो जाएगा। साथ ही दोनों शहरों के बीच दूरी भी करीब छह किलोमीटर घट जाएगी। यह ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना यातायात दबाव को कम करने और तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए तैयार की गई है, जिससे दैनिक यात्रियों और परिवहन व्यवस्था दोनों को लाभ मिलने की संभावना है।
प्रारंभिक चरण में इस मार्ग पर कुछ प्रतिबंध लागू किए गए हैं। महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस के अनुसार 1 मई से 31 अक्टूबर तक इस नए हिस्से पर केवल हल्के मोटर वाहन (LMV) और यात्री बसों को ही चलने की अनुमति होगी। इस दौरान मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। अधिकारियों ने बताया कि भारी वाहनों को अनुमति देने के संबंध में छह महीने बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी और उसके आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। यह कदम सड़क की सुरक्षा और संरचना की मजबूती को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गति सीमा भी तय की गई है। कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा और यात्री बसों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य नए मार्ग पर सुरक्षित और नियंत्रित यातायात सुनिश्चित करना है। इस परियोजना को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक माना जा रहा है, जो भविष्य में दोनों महानगरों के बीच यात्रा और परिवहन को और अधिक तेज और सुगम बनाएगा







