मुंबई 08 जून: आग्नेयास्त्रों पर नियंत्रण को मजबूत करने और सख्त नियमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुंबई पुलिस ने पिछले ढाई वर्षों में बड़ी कार्रवाई की है। मौजूदा परमिट धारकों की व्यापक समीक्षा के बाद पुलिस ने कुल 524 बंदूक लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जबकि इसी अवधि में केवल 87 नए लाइसेंस जारी किए गए हैं। यह आंकड़ा शहर में हथियारों के उपयोग और अनुमति प्रक्रिया पर बढ़ती सख्ती को दर्शाता है।
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में इस दिशा में सबसे अधिक कार्रवाई की गई। इस साल 255 बंदूक लाइसेंस रद्द किए गए। इसके बाद वर्ष 2025 में अब तक 242 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। वहीं, इस वर्ष 31 मार्च तक 27 लाइसेंस रद्द किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, जो यह दिखाता है कि निगरानी प्रक्रिया लगातार जारी है। इसके मुकाबले नए बंदूक लाइसेंस जारी करने की संख्या काफी सीमित रही है। वर्ष 2024 में मुंबई पुलिस ने केवल 17 नए लाइसेंस जारी किए। इसके बाद 2025 में यह संख्या बढ़कर 66 तक पहुंची, जबकि इस वर्ष 31 मार्च तक केवल चार नए लाइसेंस ही जारी किए गए हैं। इस तरह, नए परमिट की मंजूरी की तुलना में रद्द किए गए लाइसेंस की संख्या कई गुना अधिक रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2024 में नए लाइसेंस के लिए कुल 122 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से केवल तीन आवेदनों को ही मंजूरी दी गई, जो यह दर्शाता है कि अनुमति प्रक्रिया बेहद सख्त और जांच आधारित है। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस जारी करने से पहले हर आवेदन की गहन जांच की जाती है, जिसमें आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड, सुरक्षा कारण और आवश्यकता का मूल्यांकन शामिल होता है। मुंबई पुलिस का यह अभियान शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और अवैध या अनुचित रूप से हथियार रखने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कई मामलों में लाइसेंस धारकों की गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन के आधार पर भी लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि केवल उन्हीं व्यक्तियों को हथियार रखने की अनुमति मिले जिन्हें वास्तविक सुरक्षा कारणों से इसकी आवश्यकता हो। इसके लिए आवेदनों की जांच प्रक्रिया को और सख्त किया गया है और निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और अपराध से जुड़े मामलों को देखते हुए पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध हथियारों के दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक है। मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी इस तरह की समीक्षा और कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि हथियारों के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके और केवल योग्य व्यक्तियों को ही लाइसेंस प्रदान किया जाए।







