मुंबई, 20 जून । धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर के हालिया बयानों ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। जहां शिवसेना ठाकरे गुट के छह सांसदों के शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होने की तैयारी की बात हो रही है, वहीं ओमराजे ने साफ किया है कि मैंने शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होने का कोई फ़ैसला नहीं लिया है। मैं दो दिन बाद मतदाताओं से बातचीत करके अपना राजनीतिक रूख जाहिर करूंगा।
पवन राजे निंबालकर हत्या केस में सीबीआई की विशेष कोर्ट से सभी आरोपियों के बरी होने से सियासी समीकरणों ने नया मोड़ ले लिया है। कोर्ट फैसले के बाद ओमराजे निंबालकर के संदेह वाले बयान ने सबका ध्यान खींचा है। पता चला है कि उनके करीबी विधायक कैलास पाटिल बातचीत के लिए सीधे मातोश्री गए थे। इससे ठाकरे गुट में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
ओमराजे ने अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया है। इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि इसका असर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की रणनीति पर भी पड़ सकता है। राजनीतिक हलकों में सवाल ठ रहे हैं कि क्या ओमराजे ठाकरे गुट में ही रहेंगे या शिंदे गुट में शामिल होंगे।







