जशपुर, 25 जून । सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व मिसाल कायम करते हुए जशपुर पुलिस ने वैश्विक पटल पर अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। सड़क सुरक्षा एवं हेलमेट लगाने की अनिवार्यता का संदेश पहुंचाने के संकल्प के साथ जशपुर पुलिस ने बुधवार सुबह से देर शाम तक एक ही दिन में रिकॉर्ड 766 गांवों में एक साथ व्यापक 'पुलिस जन चौपाल' का आयोजन किया।
जशपुर पुलिस ने आज (गुरुवार) सुबह जारी अपने प्रेस नोट में जानकारी दी है कि इस असाधारण और विशालतम जन जागरूकता अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देते हुए 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया है। जशपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह के दौरान गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. लाल उमेद सिंह को इस ऐतिहासिक उपलब्धि का आधिकारिक प्रमाण पत्र और मेडल सौंपकर सम्मानित किया।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली असामयिक मौतों और जनहानि के आंकड़ों पर अंकुश लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के कुशल नेतृत्व में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस कप्तान के अनुसार, इस मुहिम का मूल उद्देश्य हर वर्ग में स्वतः स्फूर्त जिम्मेदारी और यातायात नियमों के प्रति गहरा सम्मान पैदा करना है। इसी दूरदर्शी सोच के तहत इस महा-अभियान की रूपरेखा तैयार की गई थी, जिसमें जिला प्रशासन और स्थानीय जनता ने कंधे से कंधा मिलाकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
अभियान के तहत जशपुर पुलिस ने जिला प्रशासन के सहयोग से 10,000 से अधिक नागरिकों की सीधी सहभागिता वाली विशाल हेलमेट रैलियां निकालीं। इसके साथ ही, जनमानस को प्रेरित करने के लिए प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों के 3,000 से अधिक गणमान्य व्यक्तियों ने वीडियो संदेश जारी कर सोशल मीडिया के माध्यम से हेलमेट पहनने की भावुक अपील की। अभियान की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि इसके तहत रिकॉर्ड 60,000 से अधिक आम नागरिकों को पूरी निष्ठा के साथ सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई।
इस ऐतिहासिक यात्रा की आधारशिला 18 अप्रैल 2026 को रक्षित केंद्र जशपुर से एक भव्य हेलमेट जागरूकता बाइक रैली निकालकर रखी गई थी। उस उद्घाटन रैली में जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत सहित विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों और भारी संख्या में जनप्रतिनिधियों ने मुख्य मार्ग से गुजरते हुए आम जनता को हेलमेट पहनने का संदेश दिया था।
जशपुर पुलिस ने अपनी 'बीट प्रणाली' को पुनर्गठित और सुदृढ़ किया है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत जिले के प्रत्येक गांव में एक पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को 'गांव का सुरक्षा अधिकारी' नियुक्त किया गया है। यह सुरक्षा अधिकारी न केवल ग्रामीणों को नियमित रूप से हेलमेट पहनने और सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि गांव की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने व समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निराकरण के लिए सेतु का कार्य भी करेगा। ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच आपसी विश्वास तथा समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक अद्वितीय स्वयंसेवक विंग 'जशपुर पुलिस मितान' का गठन किया गया है। वर्तमान में लगभग 5,000 की संख्या वाले ये 'पुलिस मितान' ग्राम स्तर पर न केवल अपराध नियंत्रण और अपराधियों को पकड़वाने में पुलिस की मदद कर रहे हैं।
रिकॉर्ड स्थापित करने वाले इस विशेष दिन, यानी 24 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक जिले के सभी 766 गांवों में एक ही समय पर चौपालें और विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की गईं। इन ग्राम सभाओं में बकायदा प्रस्ताव पारित कर हेलमेट की अनिवार्यता और सड़क सुरक्षा नियमों को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस वैश्विक गौरव का पूरा श्रेय जिला पुलिस के समस्त अधिकारियों, जवानों तथा सहभागिता निभाने वाले सहयोगियों को समर्पित किया है।







