काठमांडू, 26 जून । आय से अधिक संपत्ति और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पिछले एक सप्ताह से पुलिस हिरासत में रहे नेपाल के पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 30 जून को सुनवाई करेगा। अदालत ने मामले में अटॉर्नी जनरल कार्यालय से लिखित जवाब भी तलब किया है।
पूर्व वित्त मंत्री की पत्नी दोमाया पौडेल ने 24 जून को सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर कर दावा किया कि उनके पति को अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। याचिका में उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की वैधता पर सवाल उठाते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
मामले की सुनवाई न्यायाधीश श्रीकांत पौडेल की एकल पीठ में हुई। अदालत ने अटॉर्नी जनरल कार्यालय को लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई की तिथि 30 जून निर्धारित की है।
उल्लेखनीय है कि विष्णु पौडेल को 22 जून को सुर्खेत से कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के अगले दिन 23 जून को उन्हें काठमांडू स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया।
विशेष अदालत ने प्रारंभिक जांच पूरी करने के लिए उन्हें सात दिन की न्यायिक हिरासत में रखने की अनुमति दी है। फिलहाल नेपाल का संपत्ति शुद्धिकरण विभाग (एसेट लॉन्ड्रिंग इन्वेस्टिगेशन अथॉरिटी) मामले की जांच कर रहा है और कथित आय से अधिक संपत्ति तथा मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
अदालत में दायर रिट याचिका और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बीच अब इस मामले पर सभी की निगाहें 30 जून को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां हिरासत की वैधता और जमानत संबंधी याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।







