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ऑपरेशन सिंदूर : कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के बयान पर विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही की मांग की


देश 30 June 2026
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ऑपरेशन सिंदूर : कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के बयान पर विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही की मांग की

नई दिल्ली, 30 जून । कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में दिए गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक वर्ष पुराने बयान को आधार बनाते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही की मांग की है।

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि रक्षा मंत्री ने जुलाई 2025 में सदन में यह कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सैनिकों को कोई क्षति नहीं हुई, जबकि बाद में सेना की ओर से छह जवानों के शहीद होने की जानकारी सार्वजनिक की गई। यह संसद को गुमराह करने का मामला है।

केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अपने पत्र की जानकारी साझा करते हुए लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री संसद में झूठ बोलने का आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने कहा कि जुलाई 2025 में यह कैसे कहा जा सकता है कि कोई भारतीय सैनिक शहीद नहीं हुआ, जबकि एक वर्ष बाद स्वयं सुरक्षा बलों ने छह जवानों के बलिदान की जानकारी दी।

वेणुगोपाल ने कहा कि यह उन छह शहीद जवानों के परिवारों और पूरे सशस्त्र बलों का अपमान है कि देश की जनता को उनके साहस और सर्वोच्च बलिदान के बारे में नहीं बताया गया।

वेणुगोपाल ने अपने आरोपों के समर्थन में लोकसभा की 28 जुलाई 2025 की कार्यवाही का एक अंश भी सार्वजनिक किया। उनके द्वारा साझा किए गए दस्तावेज में लोकसभा की कार्यवाही के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का वक्तव्य दर्ज है। कार्यवाही के उस हिस्से में रक्षा मंत्री विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए कहते हैं कि यदि प्रश्न पूछा जाए कि क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा, तो उत्तर ‘हां’ है। यदि पूछा जाए कि जिन आतंकवादियों ने हमारी बहनों और बेटियों का सिंदूर मिटाया, क्या हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर में उन आतंकियों के आकाओं को मिटाया, तो उत्तर ‘हां’ है। इसके बाद कार्यवाही में दर्ज कथन के अनुसार रक्षा मंत्री ने कहा कि यदि प्रश्न पूछा जाए कि इस ऑपरेशन में क्या हमारे जांबाज सैनिकों को कोई क्षति हुई, तो उसका उत्तर ‘नहीं’ है।

उन्होंने कहा कि इसी कथन और बाद में सामने आई शहीद जवानों की जानकारी के बीच विरोधाभास है। संसद में दिया गया यह उत्तर वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खाता और इसी कारण यह मामला विशेषाधिकार हनन की श्रेणी में आता है।

वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि संसदीय परंपराओं और स्थापित नियमों के अनुसार यदि कोई मंत्री सदन को गुमराह करता है या महत्वपूर्ण जानकारी छिपाता है, तो इसे विशेषाधिकार का उल्लंघन तथा सदन की अवमानना माना जाता है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू की जाए।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि संसद लोकतांत्रिक जवाबदेही का सर्वोच्च मंच है और सरकार के मंत्रियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सदन के समक्ष पूरी और सही जानकारी रखें। उनका आरोप है कि यदि सैनिकों के बलिदान से जुड़ी जानकारी जानबूझकर छिपाई गई है, तो यह केवल सदन ही नहीं बल्कि देश की जनता को भी गुमराह करने का मामला है।

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