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एमएसआईएल ने हरियाणा के खरखौदा विनिर्माण संयंत्र में एक एमडब्ल्यूएच क्षमता वाली बीईएसएस चालू कर दी है।


व्यापार 08 July 2026
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एमएसआईएल ने हरियाणा के खरखौदा विनिर्माण संयंत्र में एक एमडब्ल्यूएच क्षमता वाली बीईएसएस चालू कर दी है।

नई दिल्ली, 08 जुलाई । देश की अग्रणी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) ने हरियाणा के खरखौदा विनिर्माण संयंत्र में एक मेगावाट-घंटा (एमडब्ल्यूएच) क्षमता वाली बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) चालू कर दी है।

मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को कहा कि शुरुआती पहल के तहत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) को खरखौदा संयंत्र के आंतरिक बिजली वितरण नेटवर्क के साथ एकीकृत किया गया है। यह पहल संयंत्र की अक्षय ऊर्जा दक्षता को अधिकतम करने और कार्बन पदचिह्न को कम करने में मदद करेगी।

एमएसआईएल ने कहा कि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) कम मांग वाले समय या संयंत्र में अवकाश के दिनों के दौरान उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को संग्रहित कर आवश्यकता पड़ने पर उपयोग में लाकर इस चुनौती का समाधान करती है। संयंत्र में अवकाश के दिनों में सौर ऊर्जा की मांग नहीं होने के कारण उत्पन्न बिजली का उपयोग नहीं हो पाता था। कंपनी ने कहा कि इसके अलावा बीईएसएस बिजली ग्रिड की स्थिरता में सुधार करने में भी मदद करेगी।

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा कि कंपनी आत्मनिर्भर ऊर्जा परिवेश को लेकर भारत की नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ताकेउची ने कहा कि खरखौदा संयंत्र में बीईएसएस की शुरुआत इसी दिशा में उसके सतत प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बीईएसएस से हर साल लगभग 54 टन कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने 2025 में खरखौदा संयंत्र में 20 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित की थी।

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