धमतरी, 09 जुलाई । सर्व आदिवासी समाज जिला धमतरी ने गुरुवार को राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर आदिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
समाज ने ज्ञापन में कहा कि नगरी क्षेत्र के बनरौद में अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे आदिवासी ग्रामीणों पर अश्रु गैस छोड़े जाने की घटना की न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। समाज का कहना है कि इस घटना से आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में नगरी क्षेत्र के 60 आदिवासी बाहुल्य गांवों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सिंचाई, संचार सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। इसके साथ ही जिले के 154 आदिवासी परिवारों की भूमि को भू-माफियाओं द्वारा गैर-संवैधानिक तरीके से खरीद-फरोख्त एवं भूमि हस्तांतरण किए जाने के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा प्रभावित आदिवासी परिवारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में वर्ष 2027 की जनगणना में आदिवासी समुदाय के लिए पृथक आदिवासी धर्म कोड लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। समाज का कहना है कि आदिवासी समुदाय की अपनी अलग धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए जनगणना में पृथक धर्म कोड का प्रावधान किया जाना चाहिए। इसके लिए छत्तीसगढ़ शासन से भारत सरकार के समक्ष प्रस्ताव भेजकर आवश्यक पहल करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष जीवराखन मरई, कार्यकारी अध्यक्ष महेश रावटे, डॉ. ए.आर. ठाकुर, जयपाल ठाकुर, कृष्णा नेताम, होमन सिंह कतलम, सुग्रीव नेताम, गोविंद ठाकुर, एच.आर. परिहा, रामेश्वर मरकाम, खिलेंद्र पडोटी, हर्ष मरकाम, चंद्रकला नेताम, ईश्वरी नेताम, नंदा नेताम, हेमलता नेताम, मालती रावटे, चन्द्रकिरण नेताम, भूमिका कोर्राम, रमी गौतम सहित सर्व आदिवासी समाज एवं विभिन्न आदिवासी समाजों के पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे







