तेहरान/वियना, 13 जुलाई । वियना में अंतरराष्ट्रीय संगठनों में रूस के स्थायी प्रतिनिधि मिखाइल उल्यानोव ने परमाणु सुविधाओं पर किसी भी तरह के हमले को अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर किसी भी हमले के फारस की खाड़ी के देशों के लिए गंभीर और विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।
उल्यानोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और ऐसे किसी भी कदम को रोका जाना चाहिए।
ईरान की सरकारी मीडिया प्रेसटीवी के मुताबिक रूस की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर उन खबरों के बाद सामने आई, जिनमें दावा किया गया था कि ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के कुछ हिस्सों को निशाना बनाया गया है। हालांकि, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
गाैरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया युद्धविराम समझौता टूटने के बाद दोनों देशों के बीच सीधा संघर्ष फिर से शुरू हो गया है। तनाव बढ़ने के साथ अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सैन्य ठिकानों और मिसाइल साइटों पर हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशाें में माैजूद अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के हेडक्वार्टर और ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
संगठन ने बयान में स्पष्ट किया कि बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित है और सभी इकाइयां सामान्य प्रक्रियाओं के तहत बिना किसी रुकावट के काम कर रही हैं। एईओआई ने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं से जुड़ी किसी भी आधिकारिक जानकारी की पुष्टि केवल उसके आधिकारिक संचार माध्यमों के जरिए ही की जाएगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में अवैध जहाजों की आवाजाही के जरिए संकट पैदा करने की कोशिशों को विफल कर दिया।
बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र ईरान की बिजली आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। रूस के सहयोग से विकसित इस संयंत्र की कुल क्षमता 915 मेगावाट है और यह हर साल लगभग 6 से 7 टेरावाट-घंटे बिजली का उत्पादन करता है। संयंत्र के पहले चरण को 1,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ तैयार किया गया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक इस संयंत्र से 80 मिलियन मेगावाट-घंटे परमाणु बिजली का उत्पादन कर राष्ट्रीय ग्रिड को आपूर्ति की जा चुकी है।
आर्थिक प्रतिबंधों और ऊर्जा चुनौतियों के बीच बुशहर संयंत्र को ईरान की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय रणनीतिक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।







