मुंबई, 28 जुलाई, । महाराष्ट्र के नासिक जिले में 160 करोड़ रुपये के कथित बोगस स्कूल आईडी घोटाला मामले विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक बड़े शिक्षण संस्थान के संचालक संजय गरुड़ को सातारा जिले के फलटन से गिरफ्तार किया है।
गरुड़ की गिरफ्तारी २४ जुलाई को गिरफ्तार किए गए आरोपित पूर्व शिक्षण अधिकारी शशिकांत हिगोणीकर की निशानदेही पर की गई है। एसआईटी टीम आरोपित संजय गरुड़ को सातारा से नासिक ला रही है और आज अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।
इस मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि संजय गरुड़ का जलगांव जिले के जामनेर तहसील में स्थित शेंदुरनी इलाके में एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान है। साथ ही इस शिक्षण संस्थान के संचालक संजय गरुड़ भाजपा नेता भी हैं। उन पर 160 करोड़ रुपये के कथित शैक्षणिक घोटाले में शामिल होने का आरोप है। जांच अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई जलगांव जिला परिषद के तत्कालीन शिक्षा अधिकारी शशिकांत हिंगोनिकर से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर की गई।
जांच में आरोप है कि हिंगोनिकर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 481 शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों को कथित रूप से गैर-कानूनी मान्यता दी थी। इनमें से अधिकांश शिक्षक जामनेर तहसील में स्थित संजय गरुड़ के शैक्षणिक संस्थान से जुड़े हैं। इस मामले की अब तक की जांच के दौरान सामने आया है कि कथित बोगस स्कूल आईडी के जरिए कुल 481 शिक्षकों और गैर-शिक्षकीय कर्मचारी के नाम पर शिक्षा विभाग से पैसे निकाले गए थे।
इनमें से 438 कर्मचारी जलगांव जिले के बताए जा रहे हैं। एसआईटी का आरोप है कि बोगस आईडी तैयार कर सरकारी धन की कथित हेराफेरी की गई, जिससे लगभग 160 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई। जांच एजेंसी का कहना है कि संजय गरुड़ इस कथित रैकेट के प्रमुख आरोपिताें में शामिल हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एसआईटी अन्य आरोपिताें की भूमिका की भी जांच कर रही है।







