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गले में खराश, जलन और बार-बार खांसने की समस्या अपनाएं ये देसी उपाय घर में आसानी से होगा तैयार

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गले में खराश, जलन और बार-बार खांसने की समस्या अपनाएं ये देसी उपाय घर में आसानी से होगा तैयार

बदलते मौसम में खांसी-जुकाम होना आम बात है। खासतौर पर सूखी खांसी लोगों को काफी परेशान करती है। इसमें गले में खराश, जलन और बार-बार खांसने की समस्या होती है। कई लोग राहत के लिए अदरक और तुलसी का सेवन करते हैं, लेकिन इसके अलावा भी कुछ पारंपरिक घरेलू उपाय हैं, जिन्हें दादी-नानी के समय से आजमाया जाता रहा है। हालांकि, घरेलू नुस्खे हल्की परेशानी में राहत देने में मदद कर सकते हैं, लेकिन अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहे, सांस लेने में परेशानी हो या कोई अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

सूखी खांसी में क्यों होती है परेशानी? सूखी खांसी में बलगम नहीं निकलता, लेकिन गले में लगातार खुजली और जलन महसूस होती है। कई बार यह धूल, प्रदूषण, मौसम में बदलाव, एलर्जी, सर्दी या गले में संक्रमण के कारण भी हो सकती है। इस तरह की खांसी में गला सूख जाता है और व्यक्ति को बार-बार खांसने की इच्छा होती है। रात के समय यह परेशानी और बढ़ सकती है, जिससे नींद भी प्रभावित होती है।

दादी मां का नुस्खा: शहद और काली मिर्च

सूखी खांसी में शहद और काली मिर्च का मिश्रण पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता रहा है। शहद गले को आराम देने में मदद कर सकता है और काली मिर्च गले की खराश में राहत देने के लिए जानी जाती है। इसके लिए एक चम्मच शहद में थोड़ी सी काली मिर्च का पाउडर मिलाकर लिया जाता है। इसे धीरे-धीरे मुंह में घुलने दें, ताकि गले को आराम मिले। ध्यान रखें कि एक साल से छोटे बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए। छोटे बच्चों के लिए किसी भी घरेलू उपाय से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।

मुलेठी भी दे सकती है राहत मुलेठी का इस्तेमाल आयुर्वेद में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसे गले की खराश और आवाज से जुड़ी समस्याओं में उपयोगी माना जाता है। मुलेठी की छोटी सी डंडी को मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसने से गले में नमी बनी रह सकती है। हालांकि, अधिक मात्रा में मुलेठी का सेवन कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए। हल्दी वाला दूध भी है पारंपरिक उपाय

हल्दी को भारतीय घरों में सदियों से इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी वाला गर्म दूध सर्दी-जुकाम के मौसम में लोकप्रिय घरेलू उपाय है। रात को सोने से पहले हल्दी वाला गुनगुना दूध पीने से शरीर को गर्माहट मिलती है और गले को आराम महसूस हो सकता है। गर्म पानी से करें गरारे सूखी खांसी में गले की खराश कम करने के लिए गर्म पानी के गरारे भी फायदेमंद हो सकते हैं। गुनगुने पानी में थोड़ा नमक डालकर गरारे करने से गले में जमा जलन और असहजता कम हो सकती है। यह एक आसान उपाय है, जिसे घर पर आसानी से किया जा सकता है। भाप लेने से मिल सकती है राहत अगर सूखी खांसी के साथ नाक बंद होने या गले में सूखापन महसूस हो रहा है तो भाप लेना आरामदायक हो सकता है। गर्म भाप से श्वसन मार्ग में नमी बनी रहती है और गले की परेशानी कम महसूस हो सकती है। हालांकि, भाप लेते समय सावधानी रखें ताकि गर्म पानी से जलने का खतरा न हो। खान-पान में रखें ध्यान सूखी खांसी के दौरान बहुत ठंडी चीजों से बचना बेहतर माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। गर्म सूप, गुनगुने पेय और हल्का भोजन गले को आराम दे सकते हैं। धूल, धुआं और तेज खुशबू वाली चीजों से दूरी बनाना भी फायदेमंद हो सकता है। कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? अगर खांसी कई हफ्तों तक बनी रहती है, तेज बुखार, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, खून आना या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। कई बार लगातार रहने वाली सूखी खांसी किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।

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