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स्टॉक मार्केट में फाइकेम टेक की मामूली बढ़त के साथ एंट्री, बाद में हुई लिवाली से अपर सर्किट पर पहुंचे शेयर


व्यापार 07 September 2026
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स्टॉक मार्केट में फाइकेम टेक की मामूली बढ़त के साथ एंट्री, बाद में हुई लिवाली से अपर सर्किट पर पहुंचे शेयर

नई दिल्ली, 07 सितंबर। रोटेशनल मोल्डिंग कंपाउंड्स और स्पेशलिटी पॉलिमर सॉल्यूशंस तैयार करने वाली कंपनी फाइकेम टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। हालांकि लिस्टिंग के बाद हुई खरीदारी से कंपनी के आईपीओ निवेशक खुश हो गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 54 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 3.70 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 56 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद कुछ देर के लिए हुई बिकवाली के कारण कंपनी के शेयर गिर कर 54.50 रुपये के स्तर तक आये। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारी शुरू हो गई, जिससे इस शेयर के भाव में तेजी का रुख बन गया। लगातार हो रही खरीदारी के सपोर्ट से दोपहर 12 बजे के करीब कंपनी के शेयर 58.80 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 4.80 रुपये यानी 8.89 प्रतिशत के फायदे में रहे।

कंपनी का 14.58 करोड़ रुपये का आईपीओ 31 अगस्त से दो सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 20.79 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 4.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 42.41 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 20.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 27 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी प्लांट और नई मशीनरी खरीदने, कंपनी पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

फाइकेम टेक्नोलॉजीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.69 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 4.09 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 47.59 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 51.11 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 57.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 5.61 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 4.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 5.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी इस अवधि में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 6.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 9.41 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में घट कर 6.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 9.70 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 13.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 2.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.37 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 6.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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