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प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाषितम् में की मनुष्य के सुख और मंगल की कामना


देश 22 September 2026
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प्रधानमंत्री मोदी ने सुभाषितम् में की मनुष्य के सुख और मंगल की कामना

नई दिल्ली, 22 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज प्रातः लोकप्रिय ऑनलाइन सोशल मीडिया और माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर हमेशा की तरह सुभाषितम् के रूप में एक श्लोक साझा किया। उन्होंने इस श्लोक के माध्यम से मनुष्य के सुख और मंगल की कामना की।

प्रधानमंत्री मोदी के सुभाषितम् का यह श्लोक ''सुत्रामाणं पृथिवीं द्यामनेहसं सुशर्माणमदितिं सुप्रणीतिम् । दैवीं नावं स्वरित्रामनागसो अस्रवन्तीमा रुहेमा स्वस्तये॥'' अथर्ववेद (काण्ड 7, सूक्त 6, मन्त्र 3) से लिया गया है।

इस श्लोक का अर्थ है- ''मनुष्य उत्तम संरक्षण करने वाली, स्थिर पृथ्वी और कल्याणकारी, निर्बाध आकाशरूपी आधार का आश्रय लें। पापरहित होकर शुभ मार्ग से ले जाने वाली उत्तम चप्पुओं से युक्त दिव्य नौका के समान कल्याणकारी साधनों का आश्रय लेकर सुख और मंगल को प्राप्त करें।''

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