नई दिल्ली/बेंगलुरु, 26 सितंबर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को भरोसा जताया कि भारत 10 फीसदी से ज्यादा की आर्थिक वृद्धि दर हासिल कर सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सभी क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी और नवाचार को बड़े पैमाने पर अपनाने की जरूरत पर बल दिया।
सीतारमण ने आईआईटी मद्रास एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा यहां आयोजित एक फायरसाइड चैट में यह बात कही। उन्होंने कहा कि ज्यादा इकोनॉमिक ग्रोथ से देश की आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की यात्रा को तेज करने में मदद मिलेगी लेकिन उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इसके लिए सभी पक्षों की ओर से "बहुत ज्यादा कोशिश" की जरूरत होगी।
वित्त मंत्री ने कहा, ”10 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर हासिल करना संभव है और मैं यह बात केवल आप सभी का उत्साह बढ़ाने के लिए नहीं कह रही हूं। यह वास्तव में संभव है।”
मद्रास एलुमनाई एसोसिएशन के 'संगम 2026' कार्यक्रम में प्रो. राजीव श्रीनिवासन के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने साल 2015 के बाद से स्टार्टअप के तेजी से हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वे आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सीतारमण ने कहा, ”हमारे यहां नकारात्मक बातें करने वालों की कमी नहीं है। ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्हें भारत के विफल होने पर परोक्ष रूप से खुशी मिलती है। हम कतई ऐसा बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। हमें ऐसे लोगों को सकारात्मक सोचने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है।”
कृषि क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि तकनीकी हस्तक्षेपों ने उत्पादकों को बाजारों से जोड़ने और उत्पादकता में सुधार लाने में मदद की है। सीतारमण ने फसल की कटाई में तेजी लाने और अगली फसल के लिए जमीन तैयार करने में तकनीक के इस्तेमाल का उदाहरण दिया।
वित्त मंत्री ने आईआईटी मद्रास पूर्व छात्रसंघ के कार्यक्रम में बातचीत के दौरान उन भूखंडों के सटीक मानचित्रण के लिए ड्रोन के उपयोग का जिक्र किया, जिनका पहले केवल हाथों से सर्वेक्षण किया जाता था। उन्होंने आगे कहा, ”प्रौद्योगिकी के इस तेज प्रसार के साथ स्टार्टअप में होने वाले नवाचारों को हर क्षेत्र में पहुंचना होगा।”
वित्त मंत्री कार्यालय ने एक्स पर जारी पोस्ट में कहा कि सीतारमण ने बेंगलुरु में आईआईटी मद्रास एलुमनाई एसोसिएशन के 'संगम 2026' कार्यक्रम में प्रो. राजीव श्रीनिवासन के साथ बातचीत में हिस्सा लिया। साथ ही वित्त मंत्री ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ मिलकर 'आईआईटीएम यूनिकॉर्न फ्रंटियर फंड-I' को लॉन्च किया। ये यह एक अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) है, जिसे यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स (यूआईवी) और आईआईटी मद्रास/ आईआईटीएम रिसर्च पार्क ने मिलकर शुरू किया है।







