नई दिल्ली, 29 सितंबर । आयरन एंड स्टील सेक्टर की कंपनी आनंद सीमलेस लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ लिस्ट होकर कारोबार की शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 72 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग सिर्फ 10 पैसे प्रीमियम के साथ 72.10 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 75 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसके भाव में थोड़ी गिरावट भी दर्ज की गई। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच दोपहर 12 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 73 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर एक रुपये यानी 1.39 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 25.52 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 से 24 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.96 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 0.98 गुना सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 35.44 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन और अपनी क्षमता का विस्तार करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
आनंद सीमलेस लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.36 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 2.65 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 37 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में कम होकर 33.64 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 56.17 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 14.21 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में थोड़ा बढ़ कर 21.22 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 28.21 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 11.40 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 14.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 19.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 11.29 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछाल के साथ 13.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस गिरावट के साथ 11.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 5.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 10.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।







