नई दिल्ली, 30 सितंबर । इंटीग्रेटेड ह्यूमन रिसोर्स सॉल्यूशन प्रोवाइडर कोरइंटीग्रा कंसल्टिंग सर्विसेज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 78 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 10 पैसे की बढ़त के साथ 78.10 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर फिसल कर 74.20 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक चला गया। हालांकि बाद में लिवाली शुरू हो जाने की वजह से लोअर सर्किट ब्रेक हो गया। लिवाली के सपोर्ट से ये एक बार फिर हरे निशान में पहुंच गया। दोपहर दो बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 78.10 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर सिर्फ 10 पैसे के फायदे में थे।
इस कंपनी का 21.99 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 सितंबर, 2026 के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण यह ओवरऑल 1.39 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.45 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.41 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 28,19,200 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अपडेट करने, ब्रांड प्रमोशन करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कोरइंटीग्रा कंसल्टिंग सर्विसेज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.94 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 3.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4.51 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 368.44 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 404.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 516.30 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 19.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 22.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस घट कर 19.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 19.43 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 22.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 27.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 5.81 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 4.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 6.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।







