Breaking News

प्रधानमंत्री मोदी का सुभाषितम् में निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान


देश 01 October 2026
post

प्रधानमंत्री मोदी का सुभाषितम् में निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान

नई दिल्ली, 01 अक्टूबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रतिदिन की तरह आज सुबह एक्स हैंडल पर सुभाषितम् के रूप में महान कवि भर्तृहरि के ग्रंथ नीतिशतकम् का एक श्लोक साझा किया। प्रधानमंत्री ने इस श्लोक का उदाहरण देते हुए व्यक्तियों से निरंतर प्रयत्नशील रहने का आह्वान किया।

यह श्लोक है, ''रत्नैर्महाब्धेस्तुतुषुर्न देवा न भेजिरे भीमविषेण भीतिम्। सुधां विना न प्रययुर्विरामं न निश्चितार्थाद्विरमन्ति धीराः॥'' प्रधानमंत्री की पोस्ट में इसका अर्थ बताया गया है, ''जिस प्रकार देवताओं ने समुद्र से रत्नों को प्राप्त करने के बाद भी अमृत की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयत्न किया, उसी प्रकार धीर और दृढ़ निश्चयी व्यक्ति अपने निश्चित लाभ की प्राप्ति तक निरंतर प्रयत्नशील रहते हैं।''

You might also like!


RAIPUR WEATHER