मुंबई, 09अक्टूबर । एक दशक पुराने मारपीट के मामले में लगातार कोर्ट में गैरहाजिर रहने के कारण मुंबई की मेयर रितू तावड़े पर अदालत ने 000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जी. जी. भंसाली ने गुरुवार को चेतावनी दी कि अगली सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ वारंट जारी करने के साथ जमानत बंधपत्र भी रद्द किया जा सकता है।
अदालत ने आरोपियों की लगातार गैरहाजिरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे मुकदमे को लंबा खींचने की स्थिति बन रही है। पिछली सुनवाई में भी मेयर पर 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। मेयर रितु तावड़े की ओर से बुधवार को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी गई थी। उनके वकील ने बताया कि मुंबई की प्रथम नागरिक होने के कारण उन्हें मुंबई मनपा के विभिन्न कार्यक्रमों में व्यस्त रहना पड़ता है। सरकारी वकील ने इस दलील का विरोध करते हुए कहा कि मामला काफी पुराना है और आरोपी जानबूझकर अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं।
अदालत ने 1,000 रुपये सरकारी कोष में जमा कराने का निर्देश दिया और सभी आरोपियों को 2 नवंबर को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा है। इसी दौरान मामले में आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मामला वर्ष 2016 का है। अदालत ने कहा कि घटना के बाद 2017 में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है, लेकिन अब तक आरोप तय नहीं किए जा सके हैं। मामला 29 जुलाई 2016 को वाकोला स्थित बीएमसी के उर्दू माध्यम स्कूल में हुए विवाद से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार तत्कालीन नगरसेवक तावडे समेत आरोपियों पर स्कूल प्रबंधन से विवाद और दो शिक्षकों से मारपीट का आरोप है।







