मुंबई 15 अक्टूबर: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सूखाग्रस्त इलाकों का दायरा बढ़ा दिया है। राज्य की 305 तहसीलों में सूखे की स्थिति घोषित की गई है। इससे पहले 265 तहसीलों में सूखे की स्थिति घोषित की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 305 तहसीलें कर दिया गया है। राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों को सूखाग्स्त इलाकों में फसल नुकसान का पंचनामा करने का निर्देश दिया है। साथ ही लोन रिकवरी और छात्रों के परीक्षा शुल्क माफ कर दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने बुधवार को शासनादेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि सरकार ने खरीफ सीजन में बारिश की कमी और सूखे का पता लगाने के क्राइटेरिया के अनुसार राज्य की 305 तहसीलों में सूखा घोषित करने का फैसला किया है। इस फैसले से सूखा प्रभावित इलाकों के किसानों, खेत मजदूरों और विद्यार्थियों को कई तरह की छूट का फायदा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। राहत व पुनर्वास विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों को जरूरी कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
सूखा प्रभावित इलाकों में खेती को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए तुरंत पंचनामा करने को कहा गया है। इस प्रोसेस में प्रभावित इलाके की तस्वीरें और साइट की ज्योग्राफिकल जानकारी इकट्ठा की जाएगी। नुकसान की रिपोर्ट कृषि आयुक्त के ज़रिए सरकार को दी जाएगी। फसल के नुकसान के लिए दी जाने वाली आर्थिक मदद की रकम का ऐलान सरकार के एक अलग फैसले से किया जाएगा।
दी गई रियायतें लैंड रेवेन्यू में छूट: प्रभावित इलाकों के किसानों को लैंड रेवेन्यू देने से छूट दी जाएगी। कृषि लोन रीस्ट्रक्चरिंग: किसानों के कृषि लोन के रीपेमेंट को फिर से तय करने की सुविधा। लोन रिकवरी मोरेटोरियम: खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर कुछ समय के लिए रोक। कृषि पंपों के लिए बिजली बिल में रियायत दी गई है। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में छूट दी गई है। रोजगार गारंटी के कामों को प्राथमिकता: काम के नियमों में ढील देकर ज़्यादा से ज़्यादा मज़दूरों को रोजगार देना।
टैंकर से पानी की सप्लाई: पानी की बहुत ज़्यादा कमी वाले गांवों में पीने के पानी के लिए टैंकर शुरू करना। बिजली कनेक्शन जारी रखना, किसानों और खेत मजदूरों को अनाज की सप्लाई सुनिश्चित करना। जानवरों के लिए चारे और पीने के पानी की योजना बनाना। पानी की कमी को कम करने के लिए, पानी बचाने के कामों को प्राथमिकता के साथ किया जाना चाहिए।
विभागवार सूखा प्रभावित तहसीलों की संख्या नासिक विभाग नासिक – 13 धुले – 4 Also Read - महायुति सरकार पर निशाना: किसानों की मदद के नाम पर 'सामना' ने कसा तंज जलगांव – 15 नंदुरबार – 6 अहिल्यानगर – 14 पुणे विभाग पुणे – 10 सोलापुर – 11 सांगली – 11 सतारा – 11 कोल्हापुर – 8 छत्रपति संभाजीनगर विभाग छत्रपति संभाजीनगर – 9 जालना – 8 बीड – 11 लातूर – 10 धाराशिव – 8 नांदेड़ – 16 परभणी – 9 हिंगोली – 5 अमरावती विभाग बुलढाणा – 13 अमरावती – 14 अकोला – 7 वाशिम – 6 यवतमाल – 16 नागपुर विभाग वर्धा – 8 नागपुर – 14 भंडारा – 5 गोंदिया – 8 चंद्रपुर – 15 गडचिरोली – 2 कोंकण विभाग - पालघर – 3 - रायगढ़ – 1 - रत्नागिरी – 6 - सिंधुदुर्ग – 8







