पार्क या फिर रास्ते पर चलते हुए आपको कई बार भिंडी जैसी दिखने वाली छोटी सी जंगली घास नजर आई होगी. अक्सर हम इस तरह के घास को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन कई ऐसे जंगली चीजें औषधीय गुणों का भंडार होती है. अगर आपको रास्ते में कही तीन पत्तियों वाली चांगेरी घास, जिसे खट्टी-मीठी घास भी कहा जाता है,
उगी हुई दिख जाए, तो इसे नजरअंदाज न करें. आयुर्वेद में इसे पाचन तंत्र का दोस्त माना जाता है. इंस्टाग्राम पर गार्डनिंग और आयुर्वेद से जुड़ी जानकारी शेयर करने वाली मशहूर क्रिएटर ने @kailashvati13 ने इस घास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शेयर ही. उन्होंने कहा कि अगर आपको ये पत्ता कहीं मिल जाए, तो फौरन तोड़ लें. यहां विस्तार से जानते हैं इस घास के बारे में
क्या है चांगेरी?
चांगेरी एक औषधीय पौधा है, जिसे आयुर्वेद में पाचन संबंधी विकारों के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. इसके पत्तों का स्वाद हल्का खट्टा होता है, इसलिए कई जगहों पर इसे भोजन में भी शामिल किया जाता है. आयुर्वेदिक ग्रंथों में इस पत्ते का जिक्र पेट से जुड़ी समस्याओं और शारीरिक कार्यप्रणाली को बेहतर करने के लिए किया गया है.
शुगर से लेकर भूख को करती है कंट्रोल
कैलाशवति ने पोस्ट में बताया कि इसके पत्तों को चबाकर खाने से ब्लड शुगर को नैचुरली रूप से संतुलित रखने में मदद मिल सकती है. वहीं, छोटे बच्चों में भूख बढ़ाने के लिए ये किसी टॉनिक से कम नहीं मानी जाती. इसका हल्का खट्टा-मीठा स्वाद भी लोगों को खूब पसंद आता है.
पाचन तंत्र के लिए क्यों है फायदेमंद?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांगेरी में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. इसका सेवन भूख बढ़ाने, अपच कम करने और पेट की गड़बड़ियों को नियंत्रित करने में सहायक माना जाता है. दस्त और पेचिश जैसी समस्याओं में भी इसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. यही वजह है कि कई आयुर्वेदिक दवाओं में इसे प्रमुख घटक के रूप में शामिल किया जाता है.
चांगेरी घास के कुछ अन्य फायदे
आयुर्वेद में इसे सूजन कम करने वाली औषधि मानी जाती है. ये शरीर को एनर्जी देने में असरदार हो सकता है. इतना ही नहीं, कुछ त्वचा संबंधी समस्याओं में भी उपयोगी बताया गया है.
कैसे करें इसका सेवन?
इसका सेवन करने के लिए इसके पत्तों को तोड़ लें और फिर धोकर अच्छे से ग्राइड कर लें. फिर जूस को छानकर लगभग 50 ML अपने बच्चे को पिलाएं. ऐसा करने से बच्चों की भूख भी बढ़ेगी और पाचन से जुड़ी दिक्कतें भी दूर हो सकती हैं.







